
चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत बंद के जरिए किसानों की एकजुटता ने कृषि कानूनों को रद्द करने और कृषि सुधारों पर विस्तार से चर्चा करने की अहमियत को दिखा दिया है। केंद्र को आढ़तियों और मंडी व्यवस्था को खारिज करने के बजाय मौजूदा प्रणाली को बरकरार रखना चाहिए।
‘मैं होता तो कानून वापस लेने में एक मिनट न लगाता’
कैप्टन ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों से बातचीत नहीं कर रही है। मैं उनकी जगह होता तो अपनी गलती मानने और कानूनों को वापस लेने में एक मिनट न लगाता। सारा देश किसानों के दर्द और संघर्ष में साथ है। कैप्टन ने कहा कि केंद्र को आढ़तियों और मंडी व्यवस्था को खारिज करने के बजाय मौजूदा प्रणाली को बरकरार रखना चाहिए।
कांग्रेस ने एपीएमसी कानून रद्द करने की बात नहीं कही : मुख्यमंत्री
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस के घोषणापत्र में एपीएमसी कानून रद्द करने की बात कही गई थी। हालांकि इसे कैप्टन ने खारिज किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी या डॉ. मनमोहन सिंह सरकार ने यह बात कभी नहीं की थी कि मौजूदा प्रणाली को खत्म कर दिया जाएगा। कांग्रेस के घोषणापत्र में आधुनिकीकरण के बारे में कहा गया था।
भविष्य में अनाज की कमी की संभावना को अनदेखा नहीं किया जा सकता : कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि बेशक इस समय देश आत्मनिर्भर हो गया हो लेकिन भविष्य में अनाज की कमी की संभावना को अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब केंद्र को जरूरत थी, हमें इस्तेमाल कर लिया और अब जब बाकी देश गेहूं और धान की फसल पैदा करने लगा है तो हमें अपने रहमोकरम पर छोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मंडी प्रणाली का खात्मा कर पंजाब को ग्रामीण विकास के अति आवश्यक वित्त से वंचित किया जा रहा है। आबादी के बढ़ने से संकट आएगा और अगला साल सूखे वाला रहने की भविष्यवाणी की जा रही है।
भारत की खाद्य समस्याएं खत्म नहीं होने जा रहीं
उन्होंने कहा कि भारत की खाद्य समस्याएं खत्म नहीं होने जा रहीं। हम आपके लिए अन्न पैदा करते हैं। इस मुद्दे पर पंजाब के साथ चर्चा नहीं की गई। कृषि राज्य का विषय होने के कारण मोदी सरकार को कानून लाने से पहले सभी पक्षों के साथ चर्चा करनी चाहिए थी और इन कानूनों को किसानों पर थोपना नहीं चाहिए था।
कैप्टन ने शांतिपूर्ण भारत बंद के लिए किसानों को दी बधाई
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों को शांतिपूर्ण भारत बंद के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि किसानों ने अपने दो महीनों से अधिक लंबे समय से चल रहे रोष प्रदर्शनों के दौरान इसी तरह अमन-सुरक्षा को बरकरार रखा है।
मुख्यमंत्री ने अब किसानों को सचेत किया कि ऐसे आंदोलन या ऐसी स्थिति के दौरान कुछ लोग, जिनका प्रदर्शनकारियों के साथ कोई लेना-देना नहीं होता, अपने संकुचित हितों के लिए मौके का फायदा उठाने की ताक में रहते हैं, ताकि शांतिमय माहौल में खलल डाल सकें। फेसबुक लाइव संदेश में कैप्टन ने खुशी जाहिर की कि पंजाब में बंद पूरी तरह शांतिपूर्वक रहा।
मसले का जल्द हल निकालने की केंद्र से की अपील
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को किसानी के दर्द को समझने की अपील करते हुए उम्मीद जताई कि कृषि कानूनों पर बातचीत चल रही है। मसले का हल जल्द ही हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन में पंजाब के किसान सबसे आगे रहे हैं और बढ़ती ठंड को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार मामले का जल्द हल निकाले। ताकि किसान अपने घरों को वापस लौट सकें।
